
शाकाहार स्वाभाविक और प्रकृतिक जीवनशैली का नाम है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह आपको पर्यावरण से जोड़ता है। वैश्वीकरण की इस दौड़ ने आम आदमी के जीवन में कितनी ही समस्याएं पैदा कर दी हैं। इसके बावजूद ऐसे करोड़ों लोग होंगे जो जीवन पर्यंत सिर्फ शाकाहार पर स्वाभाविक रूप से जीवनयापन करते हैं। वास्तव में शाकाहार मानव को प्रकृति का अनुपम उपहार है। दुग्ध उत्पाद,फल,सूखे मेवे, सब्जी और बीज सहित वनस्पति आधारित भोजन को ही शाकाहार कहते हैं।
अमेरिकन डाएटिक एसोसिएशन और कनाडा के आहारविदों का मानना है कि जीवन के सभी चरणों में शाकाहारी आहार स्वास्थ्यप्रद और पर्याप्त पोषक है। यही नहीं इसके फायदे भी विशिष्ट हैं। यह कुछ बीमारियों की रोकथाम स्वयमेव कर लेता है।
शाकाहारी व्यक्तियों में हृदय रोग का खतरा कम होता है। सब्जियों, अनाज बादाम और दूध, दही जैसे डेयरी उत्पादों में शरीर केलिए पोषक तत्व होते हैं।
हरे पत्ते वालेी सब्जियों में कैल्शियम और आयरन होता है। इनसे वसा तथा कोलेस्ट्राल का स्तर भी कम होता है। ये ऑयरन से भरपूर होती हैं।
हमारे भजन में शाकाहारी जोभी पदार्थ है वह हमारे शरीर को पूर्ण पोषण देता है। उदाहरण के लिए काली सेम, काजू, राजमा, मसूर दाल, जौ का आटा, किशमिश, मुनक्का, लोबिया, सोयाबीन और टमाटर का जूस आपको वह सब देते हैं जिसकी आपके शरीर को जरूरत है।
यह अध्ययन से ही साबित हो गया है कि शाकाहारी दीर्घायु होते हैं। शाकाहारी प्रोटीन में अमीनोएसिड पाया जाता है जो हमारे शरीर में जाकर ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करता है। अनाज से हमें भरपूर फाइबर मिलता है और यह वजन को भी संतुलित करता है। वस्तुतः ज्यादा मांसाहार चिड़चिड़ापन पैदा करता है। इससे स्वभाव उग्र होता हैतथा यह तन के साथ मन को भी अस्वस्थ करता है। इस समय दुनिया भर में 50 करोड़ लोग शाकाहारी हैं। हमारे भारत में ही राजस्थान शाकाहार में नंबर वन है। फिर जो आहार हमें स्वस्थ रखता है और दीर्घ जीवन भी देता है, क्यों न हम उसी को अपनाएं क्योंकि शाकाहार स्वास्थ्य के लिए बेजोड़ है।





