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दुनिया भर में हर वर्ष करोड़ों पशुओं का वध केवल खाने के लिये किया जाता है. यह जानकारी पशुओं के अधिकारों और उनके संरक्षण के लिये काम करने वाली प्रतिष्ठित संस्था ‘पेटा’ की भारत प्रमुख पूर्वा जोशिपुरा ने मुंबई से बताया.पूर्वा ने कहा, ‘विश्व पशु दिवस के दिन लोग स्वादिष्ट शाकाहारी खाना खायें और सदा के लिये शाकाहारी बनने पर विचार करें. पशुओं की मदद के लिये सबसे अच्छी बात होगी मांस का परित्याग.’उन्होंने कहा, ‘मुर्गियों, भैंसों, बकरियों को काटने के पहले उन्हें वाहनों में ठूंस-ठूंसकर भरकर ले जाया जाता है. इस दौरान पशुओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. कई पशुओं की तो रास्ते में ही मौत हो जाती है.’

दिल्ली स्थित कीर्ति नगर के आर एन कालरा अस्पताल के प्रमुख डाक्टर आर एन कालरा ने बताया कि शाकाहार मानव शरीर के लिये भी बहुत स्वास्थ्यवर्धक होता है. शाकाहार खाना हल्का होता है. मांसाहारी खाने के विपरीत इसमें मसाले कम इस्तेमाल किये जाते हैं. शाकाहारी खाने में सभी जरूरी विटामिन होते हैं जो शरीर की जरूरतों को पूरा करते हैं.

वन्यजीव मामलों के विशेषज्ञ और ‘ग्रीन आस्कर’ पुरस्कार से सम्मानित माइक पांडे ने कहा,‘हमारी भारतीय संस्कृति में जानवरों से प्यार करना सिखाया जाता है, उनका सम्मान करना सिखाया जाता है लेकिन यह प्रथा अब खत्म होती जा रही है.‘

पांडे ने कहा,‘एक देश की असलियत इस बात से पता चलती है कि वह अपने जानवरों के साथ कैसा व्यवहार करता है. आजकल देश में फसलों में बहुत ज्यादा रसायन का इस्तेमाल किया जाता है. इसको खाने से पशुओं की मौत हो रही है.’

उन्होंने कहा,‘गांवों में गाय भैंस जब दूध देने लायक नहीं रह जाते हैं तो उन्हें पशुओं का वध करने वालों के पास बेच दिया जाता है.’

गौरतलब है कि पशुओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिये दुनिया भर में हर साल चार अक्तूबर के दिन को विश्व पशु दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसकी शुरूआत 1931 में इटली के फ्लोरेंस शहर से हुई थी.

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