शरीर विज्ञान की दृष्टि से मांसाहारी और शाकाहारी जीवों की संरचना में मूलभूत अन्तर है
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मांसाहारी |
शाकाहारी |
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| 1. | दांत नुकीले तथा पंजे व नाखून तेज होते हैं। | 1. | दांत और नाखून चपटे होते हैं। |
| 2. | जबड़े सिर्फ ऊपर, नीचे हिलते हैं। | 2. | जबड़े ऊपर, नीचे, दाएँ, बाएँ हिलते हैं। |
| 3. | भोजन निगलते हैं। | 3. | भोजन चबाकर खाते हैं। |
| 4. | जीभ से चप चप कर पानी पीते हैं। | 4. | ओठों से पानी पीते हैं। |
| 5. | पेटों में आंतों की लंबाई छोटी होती है। | 5. | आंतों की लंबाई शरीर से तीन गुणा लंबी होती है। |
| 6. | जिगर व गुर्दे बड़े होते हैं। | 6. | जिगर व गुर्दे छोटे होते हैं। |
| 7. | लार में हाइड्रोक्लोरिक एसिड अधिक होता है। | 7. | लार क्षारीय होती है। |
| 8. | पसीना नहीं आता। | 8. | पसीना आता है। |
मनुष्य शाकाहारी वर्ग का सदस्य है, मांस उसका प्राकृतिक भोजन नहीं है। मांस स्वयं में जैव पदार्थ है और अन्य करोड़ों जैव पदार्थों-जीवाणु, विषाणु और परजीवी का घर है। साल्मोनैला, कैम्पिलोबैक्टर, क्लोस्ट्रिडियम - बोटुलिनियम (भोजन को विषाक्त बनाने वाला), यरसीनिया- एन्ट्रो कोलोटिका (पेट में सूजन कर्त्ता), इ.कोलाइ (मूत्रमार्ग में सन्दूषण - कर्त्ता) लिस्टीरिया (फोड़े फुंसी करने वाला) जीवाणु मांस के प्रमुख मेहमान हैं। प्रयोगों से सिद्ध हुआ है कि पाँच - पाँच घण्टे तक पानी में उबालने पर भी ये नष्ट नहीं होते, क्योंकि मांस जलावरोधी ओर तापावरोधी होता है।
ब्रिटिश मैडिकल एसोसिएशन ने मांसाहार से उच्च रक्तचाप, हृदय - रोग, मोटापा, बड़ी आंत के रोग, मधुमेह, कैंसर, अस्थिक्षय, एन्जाइना, गठियाबाय, गुर्दे की पत्थरी, अपैण्डिसाइटिस, पौष्टिक अल्सर, एथरोक्लैरोरिस, भोजन विषाक्तता, एसिडिटी, कब्ज, मनोरोग जैसी बीमारियों का होना सिद्ध किया है। सीधा - सपाट निष्कर्ष है :
अधिक मांसाहार : संक्षिप्त जीवन = Heavy Flesh-eating : Shorter Life-expectancy
शाकाहार में भोजन के सभी आवश्यक तत्त्व - प्रोटिन, फैट, कार्बोहाईड्रेटस, खनिज एवं विटामिन परिपूर्ण एवं सन्तुलित मात्रा में प्राप्त होते हैं। जरा देखिए तुलनात्मक तालिका :
(मानक - प्रति सौ ग्राम में कुल ग्राम)
| पदार्थ का नाम | प्रोटिन | कार्बाहाइड्रेटस | वसा | खनिज | कैलोरी |
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शाकाहारी पदार्थ |
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| गेहूं (आटा) | 12.1 | 69.4 | 1.7 | 2.7 | 361 |
| मक्का | 11.1 | 66.2 | 3.6 | 1.5 | 342 |
| साबुत चना | 17.1 | 60.9 | 5.3 | 3.0 | 360 |
| चावल | 13.5 | 48.4 | 16.2 | 6.6 | 393 |
| सोयाबीन | 43.2 | 20.9 | 19.5 | 4.6 | 432 |
| मूंग | 24.0 | 56.7 | 1.3 | 3.5 | 334 |
| मूंगफली | 26.7 | 26.7 | 39.8 | 2.5 | 315 |
| बादाम | 20.8 | 10.5 | 58.9 | 2.9 | 655 |
| काजू | 21.2 | 22.3 | 46.9 | 2.4 | 596 |
| खजूर | 2.5 | 75.8 | 0.4 | 2.1 | 317 |
| पनीर | 24.1 | 6.3 | 25.1 | 4.2 | 348 |
| सप्रेटा दूध | 38.0 | 51.0 | 0.1 | 6.8 | 357 |
| घी | - | - | 100 | - | 900 |
| शहद | 0.3 | 79.5 | - | .2 | 319 |
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मांसाहारी पदार्थ |
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| अण्डा | 13.3 | - | 13.3 | 1.0 | 173 |
| सुअर का मांस | 18.7 | - | 4.4 | 1.8 | 114 |
| बकरे का मांस | 21.4 | - | 3.6 | 1.1 | 188 |
| गाय का मांस | 22.6 | - | 2.6 | 1.0 | 114 |
| भेड़ का मांस | 18.5 | - | 13.3 | 1.3 | 194 |
| मछली | 9.0 से 76.0 | 0 से 13.9 | 19.4 | 27.5 | 413 |
अधिकांश पोषण- विज्ञानियों के अनुसार मनुष्य को अपनी कुल दैनिक कैलोरी का 60 प्रतिशत भाग कार्बोहाइड्रेटस से,20 प्रतिशत वसा से और 5-6 प्रतिशत प्रोटिन द्वारा ग्रहण करना चाहिए। शाकाहारी पदार्थों में कार्बोहाइड्रेटस प्रचुर परिमाण में उपलब्ध हैं, जबकि मांसाहारी पदार्थों में इनका सर्वथा अभाव है।
ऊर्जा-प्रवाह के सिद्धान्त अनुसार वनस्पति- पदार्थों में मांसाहार से दस गुणी ऊर्जा निहित है। इसीलिए दुनिया के सबसे अधिक तेज दौड़ने वाले, कड़ी मेहनत करने वाले, भारी भरकम शरीर वाले तथा ऊँची कद काठी वाले जानवर- हाथी, घोड़े, बैल, ऊँट, जिराफ, बारहसिंहा व व्हेल मछली पूर्णतः शाकाहारी ही हैं। किसी ने ठीक ही कहा है - सुन्दर स्वस्थ निरोगी कायाः शाकाहार की अदभुत् माया॥





