
इंदौर। शाकाहार को अपनाकर मांसाहार पर रोक लगाने की एक मुहिम अनूठे ढंग से शहर में नजर आई। सब्जियों से सजे कपड़ों को पहनकर लोगों को शाकाहार अपनाने की अपील की गई। विश्व पर्यावरण दिवस के पहले ही 'पिपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स' द्वारा यह अभियान चलाया गया। इसमें पेटा मेंबर एरिका गोयल ने सब्जियों से सजी परिधान को पहनकर लोगों से अपील की कि वे शाकाहार को अपनाएं।
पेटा की नीरजा खेडे ने बताया कि वर्ल्डवॉच इंस्टीट्यूट की प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार 51 प्रतिशत विश्वव्यापी ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन कृषि, विशेष रूप से मवेशियों को मारने व भोजन के लिए प्रयोग करने के लिए उत्तरदायी है।

इसी तरह संयुक्त राष्ट्र के अनुसार मांस, अंडे तथा डेयरी उद्योग नाइट्रोजन ऑक्साइड के विश्वव्यापी उत्सर्जन 65 प्रतिशत का योगदान करते हैं जो कि पर्यावरण के असंतुलन में बढ़ावा करते हैं। प्रकृति के संतुलन में पशुओं का महत्वपूर्ण योगदान है यह बताने के लिए यह मूहिम शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चलाई गई।





