
मुर्दे में यदि जान नहीं डाल सकते तो किसी का जीवन लेने का भी अधिकार नहीं है। परमात्मा की वाणी का अनुसरण करें और अहिंसक बनें। हम भाग्यशाली हैं जो भगवान महावीर के शासन में जन्म मिला है।
यह बात राष्ट्रसंत जयंतसेन सूरीश्वरजी ने कही। जयंतसेन धाम में शनिवार को पत्रकार पद्मश्री मुजफ्फर हुसैन के सम्मान के बाद राष्ट्रसंत ने कहा हुसैन भगवान महावीर की वाणी को आत्मसात कर जन-जन को परमात्मा के संदेशों के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। चातुर्मास आयोजक व विधायक चेतन्य काश्यप ने पद्मश्री हुसैन व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अभा संपर्क प्रमुख हस्तीमल जैन का शॉल, श्रीफल से सम्मान किया। उन्होंने कहा हुसैन चिंतक और अच्छे विचारक होकर धार्मिक, सामाजिक समरसता के लिए कार्यरत हैं। शाकाहार को अपना जीवन बनाने के बाद उन्होंने इस्लाम और शाकाहार पुस्तक लिखकर पूरी दुनिया को प्रेरित किया है। हुसैन ने कहा मनुष्य दूसरों को तो मार सकता है लेकिन अपने अंदर के शैतान को नहीं मार सकता। शरद जोशी भी मंचासीन थे।
‘परमात्मा की वाणी पर भी भरोसा करें’
मुनिराज निपुणर| विजयजी ने उत्तराध्ययन सूत्र का वाचन करते हुए परमात्मा की वाणी पर भरोसा करने का आह्नान किया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन भी बड़ा विचित्र है, इसमें डॉक्टर कहे तो कुछ भी कर लेते हैं, घर पर कुछ रुपए का ताला लगाने के बाद रक्षा का भरोसा होता है लेकिन परमात्मा की वाणी पर भरोसा नहीं करते। धर्मसभा के अंत में दादा गुरुदेव की आरती का लाभ नंदराम शांतिलाल धर्मेंद्र रांका परिवार ने लिया।





