
हर बार खाना खाते समय या कहीं बाहर खाने की योजना बनाते समय मेरे विदेशी सहकर्मी और मित्र यही प्रश्न पूछते हैं की मैं शाकाहारी क्यों हूँ? पूछते हैं की religious कारण है या personally, you decided to be vegetarian.
अब कोई सीधा जवाब नहीं है मेरे पास. मैं उनको बताता हूँ कि मेरे धर्म वाले लोग मांसाहारी हो कर भी उसी धर्म में होते हैं, शाकाहारी हो कर भी, कुछ ऐसे भी हैं जो सप्ताह के दिन विशेष पर नहीं खाते, कुछ लोग वर्ष के कुछ विशेष दिनों में मांसाहार नहीं करते, बहुत सारे ऐसे भी हैं जो रोज भी खाते हैं. तो ये धार्मिक कारण तो नहीं ही है, और मैंने कोई निजी निर्णय भी नहीं लिया था, बस प्रारब्ध ही कह लो, बचपन से घर में कभी खाया, देखा नहीं तो फिर बाहर निकल के भी खाने की जरुरत नहीं दिखी, और क्योंकि हास्टलों में रहा हूँ इसलये बगल में बैठ के कोई खा रहा हो तब भी कोई दिक्कत नहीं होती.
एक बार मेरे बॉस (इटालियन माता पिता को स्विट्ज़रलैंड में जन्मे, फ्रेंच भाषी) की आयरिश बीवी ने मुझे खूब बधाईयां दीं vegan(!) होने पर और फिर पूछा की अपने बेटे को भी केवल शाकाहार ही करते हो तो उसका शारीरिक विकास कैसे होगा? मैंने कहा की जैसे मेरा हुआ था, और बाकी तुमसे और तुम्हारे पति से लम्बा चौड़ा ही हूँ, दूध और पनीर और दूध से बनी चीज़ें प्रोटीन का बहुत अच्छा माध्यम हैं ये बहुत सारे विदेशियों को चमकता ही नहीं है.





