अर्थलिंग्स अर्थात ‘धरतीवासी’ वृत्तचित्र वर्ष 2005 में रिलीज़ हुआ था. इसमें यह दिखाया गया है कि मनुष्य अपने से भिन्न अर्थात ‘मनुष्येतर’ प्राणियों को किस प्रकार पालतू पशु, भोजन, वस्त्र, मनोरंजन, और वैज्ञानिक परीक्षण के लिए अपने उपयोग में लेते हैं. फिल्म में हॉलीवुड कलाकार जोआकिन फीनिक्ससूत्रधार हैं. फिल्म का संगीत प्रख्यात संगीतकार मोबी ने दिया है. फीनिक्स और मोबी, दोनों ही शाकाहार आन्दोलन के समर्थक हैं. फिल्म का निर्देशन शौन मोंसन ने किया है, वे भी शाकाहारी हैं.
फिल्म में पालतू जीवों के विक्रय स्थल, ब्रीडिंग होम्स, एनिमल शेल्टर, फैक्ट्री फार्म्स, लेदर और फ़र उद्योग, खेलकूद, सर्कस, मनोरंजन बिजनेस, और मेडिकल तथा रिसर्च पेशों को दिखाया गया है. छुपे हुए कैमरों का उपयोग करके इन्होंने विश्व के कुछ बड़े उद्यमों के पीछे की रोज़मर्रा की सच्चाई दिखाई है. फिल्म में नस्लभेद, लिंगभेद, और स्पीशीज़वाद को भी उजागर किया गया है और अहिंसक जीवन शैली की वकालत की गयी है.
फिल्म में विचलित कर देनेवाले दृश्य हैं. हमारे भोजन, फैशन, मनोरंजन, और चिकित्सकीय शोधकर्म के निमित्त मनुष्येतर प्राणियों को किन यातनाओं से गुज़रना पड़ता है, यह फिल्म उनकी सशक्त पड़ताल करती है. फिल्म के कई दृश्य भयंकर खूनखराबे और पशुओं के आर्तनाद से भरे हुए हैं पर मुझे लगता है कि इन्हें देखना ज़रूरी है. हम यह सब नज़रंदाज़ नहीं कर सकते. इन दृश्यों से मुंह फेरकर अपना ध्यान किसी मौजमजा दिखानेवाले प्रोग्राम में लगाना बहुत आसान है पर मेरी समझ से हमें यह जानना ज़रूरी है कि मानव जाति के बहुत बड़े वर्ग को भोजन और वस्त्र देनेवाले प्राणियों से हम कैसा बर्ताव करते हैं. थोड़े में कहें तो हम सभी अर्थलिंग्स (धरतीवासी) हैं और स्पीशीज़वाद नस्लभेद और रंगभेद से अधिक भिन्न नहीं है. इन प्राणियों से किया जाने वाला व्यवहार पूरी तरह से अनैतिक और अमानवीय है.
मैं शाकाहारी हूँ पर यहाँ मैं शाकाहार की वकालत नहीं कर रहा हूँ. जिसे जो खाना है वो खाए. जिसे दाल-चावल खाना है वो दाल-चावल खाए और जिसे हड्डी चूसना हो वो हड्डी चूसे, मैं कुछ नहीं कहूँगा. मेरे शाकाहारी होने के पीछे कई कारण हैं और इस फिल्म ने मुझे कुछ और कारण दिखा दिए हैं.
इस पूरी फिल्म (वृत्तचित्र) को आप यूट्यूब से लिए इस वीडियो में देख सकते हैं:
http://www.youtube.com/watch?feature=player_embedded&v=ce4DJh-L7Ys
(निशांत के ब्लॉग से साभार)
http://mishnish.wordpress.com/tag/%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0/





