
भारतीय स्टार पेशेवर मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने हंगरी के अपने प्रतिद्वंद्वी एलेक्जेंडर होरवाथ के बयान पर करारा पलटवार किया है। अपने तीनों पेशेवर मुकाबले जीतकर 'अपराजेय' चल रहे विजेंदर ने मंगलवार को कहा कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनका विपक्षी खिलाड़ी क्या खाता-पीता है क्योंकि वे अपने मुक्केबाजी कॅरियर की शुरुआत से ही देसी घी खाते रहे हैं। फैसला तो जुबानी जंग से नहीं, रिंग में होगा। दरअसल, सोमवार को हंगरी केे मुक्केबाज एलेक्जेंडर होरवाथ ने यह दावा किया था कि वे विजेंदर से मुकाबले की तैयारी…
कई लोग कहते हैं कि इंसान तो मांस खाने के लिए ही बना है क्योंकि उनके पास कैनाइन दांत होते हैं। जबकि सच ये है कि दुनिया की एक बड़ी आबादी शाकाहार पर ही निर्भर है। और यह भी सच है कि जो लोग मांस नहीं खाते वे शारीरिक रूप से ज्यादा फुर्तीले होते हैं। दरअसल तथ्यों को जाने बिना लोग शाकाहार के मिथकों पर भरोसा करते रहते हैं. तो क्या हैं ये मिथक?
पहला मिथक है कि शाकाहारियों को प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलता जबकि सच ये है कि सब्जियों में 23%, बीन्स में 28%, गेहूं, बाजरा जैसे ग्रेन्स में 13%, और फलों…
कस्बेके ऐतिहासिक शिवमंदिर पर बाबा जय गुरूदेव आश्रम मथुरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तराधिकारी पंकज महाराज ने हजारों श्रद्धालु़ओं को प्रवचन देते हुए कहा कि अच्छे विचार और स्वच्छ समाज के निर्माण में शाकाहार की महती भूमिका है।…
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लंदन। शाकाहार को बढ़ावा देने वाली संस्था पेटा का दावा है कि शाकाहारी लोगों में मांसाहारी लोगों के मुकाबले ज्यादा सेक्स पावर होती है। वो बिस्तर में ज्यादा समय बिताते हैं, और अपने साथी को संतुष्ट करने में सक्षम होते हैं। ऐसा दावा पेटा ने एक 38 सेकंड के वीडियो के जरिए किया है।…
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शाकाहार या मॉसाहार भले ही आज बहस का एक संवेदशील मुद्दा बन गया हो लेकिन इस बहस से दूर विश्व शाकाहार दिवस पर विशे्षज्ञो ने शाकाहारी भोजन को स्वास्थ्य के लिये लाभदायक बताते हुए इसके फायदे गिनाये है तथा कहा है कि शाकाहारी भोजन स्वास्थ्य के लिये बेजोड़ है.…
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शहरके बिड़ला इंटरनेशनल स्कूल में भगवान महावीर वेजीटेरियन सोसायटी के द्वारा बच्चों में शाकाहार के प्रति जागरूक करने के लिए पशु क्रूरता निवारण की फिल्म दिखाई गई। संस्थान के निदेशक मदन गहलोत ने बताया कि सोसायटी के मीट फ्री इण्डिया कार्यक्रम के तहत पर्यावरण प्रेमी भरत परिहार ने बच्चों को फिल्म दिखा कर शाकाहारी भेाजन से होने वाले फायदों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर प्राचार्या आशा राजपुरोहित,सुमित गहलोत, रामपाल वैष्णव, कुशवीरसिंह, रूपसिंह आदि मौजूद थे।

लेखक: भारत डोगरा
इन दिनों दुनिया भर में शाकाहार का चलन बढ़ रहा है। जिन समाजों में मांसाहार का प्रचलन अधिक रहा है, वहां भी बहुत से लोग नॉनवेज छोड़कर वेजिटेरियन खानपान अपना रहे हैं। कई देशों में शाकाहारिता ने एक व्यापक अभियान का रूप ले लिया है। इससे जुड़े लोग बहुत निष्ठा से बाकायदा एक विचारधारा की तरह इसका प्रचार-प्रसार करते हैं। हमारे देश में तो ऐसे अभियान की सफलता की संभावना और भी अधिक है, पर दुर्भाग्यवश हाल के समय में इसने विकृत रूप ले लिया है।…
भारतीय विमानन कंपनी एयर इंडिया ने जानकारी दी है कि वो अपनी छोटी घरेलू उड़ानों में इकॉनामी क्लास के यात्रियों को सिर्फ शाकाहारी खाना ही परोसेगा क्योंकि मांसाहारी खनों को बनाने में समय जाता लगता है। लगता है कि भारतीय विमानन कंपनी एयर इंडिया अब संस्कारी हो गयी है इसीलिए वो शाकाहार के रास्ते पर चलेगी। विमानन कंपनी ने सूचित किया है कि एयर इंडिया की 60 से 90 मिनट वाली घरेलू उड़ानों में केवल शाकाहारी खाना ही परोसा जाएगा। माना जा रहा है कि यह कदम कंपनी ने अपने कर्मचारियों पर बने काम के दबाव को कम करने के लिए उठाया है। क्योंकि मांसाहारी खाना तैयार होने में समय तुलनात्मक रूप से ज्यादा लगता है।…
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ईश्वर ने इंसान के लिए शाकाहार बनाया है और मानव के लिए शाकाहार उत्तम है। मांसाहारी और शाकाहारी को ईश्वर ने अलग-अलग विशेषता देकर भेजा है। बर्नाड शाॅ ने कहा मांसाहार करना अपने पेट को कब्रिस्तान बनाने के समान है। पशुओं के प्रति मन में दया का भाव होना चाहिए, जीवमात्र में ईश्वर का अंश है।…
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बॉलीवुड एक्टर आमिर खान और उनकी 'पीके' को-स्टार अनुष्का शर्मा आ गए हैं एक बार फिर सुर्खियों में। किसी नई फिल्म को लेकर नहीं, बल्कि हॉटेस्ट वेजिटेरियन सेलेब बनने को लेकर। एक पोल में इन दोनों को हॉटेस्ट वेजिटेरियन सेलेब्रेटीज माना गया है।…
Read more: पेटा ने आमिर और अनुष्का को बनाया हॉटेस्ट वेजिटेरियन ऑफ 2015
एक समय था, जब ब्राह्मण सब से अधिक गोमांसाहारी थे। कर्मकांड के उस युग में शायद ही कोई दिन ऐसा होता हो, जब किसी यज्ञ के निमित्त गो वध न होता हो, और जिसमें कोई अब्राह्मण किसी ब्राह्मण को न बुलाता हो। ब्राह्मण के लिए हर दिन गोमांसाहार का दिन था। अपनी गोमांसा लालसा को छिपाने के लिए उसे गूढ़ बनाने का प्रयत्न किया जाता था। इस रहस्यमय ठाठ-बाट की कुछ जानकारी ऐतरेय ब्राह्मण में देखी जा सकती है। इस प्रकार के यज्ञ में भाग लेने वाले पुरोहितों की संख्या कुल सत्रह होती, और वे स्वाभाविक तौर पर मृत पशु की पूरी…
तकरीबन तीन साल पहले मैं इटली के एक छोटे-से गांव डैम्हनर में रुकी थी। वहां के लोग एक स्थानीय गुरु फैल्को के अनुयायी हैं। वह जगह और वहां के लोग, दोनों काफी लुभावने हैं। वे अपना घर खुद बनाते हैं। खाने-पीने वाली चीजों का उत्पादन भी स्वयं करते हैं। और तो और, पनीर और शराब जैसी चीजें भी खुद ही बनाते हैं। इन सबके लिए वे लोग अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी जीत चुके हैं। कुल मिलाकर वे लोग अपनी नैतिकता और रचनात्मक क्षमता का इस्तेमाल कर दुनिया को उतना ही खूबसूरत बनाना चाहते हैं, जितना कि उसे होना चाहिए। इन सब सामान्य कामकाज के अलावा वहां के लोग इस समय दो विशेष परियोजनाओं को मूर्त रूप देने में जुटे हैं।…
यह एक सर्व विदित गौरवपूर्ण तथ्य है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी निष्ठावान शुद्ध शाकाहारी हैं। वे मद्यपान और धूम्रपान जैसे व्यसनों से भी कोसों दूर रहते हैं। यूँ तो स्वतंत्र भारत को अनेक शाकाहारी राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और प्रभावशाली नेता मिले हैं तथा भारत जैसे ऋषिप्रधान देश में ऐसा अवश्य ही होना चाहिए, लेकिन इस मामले में मोदी जी की बात उत्साहवद्र्धक और अभिनंदनीय है। प्रधानमंत्री चाहते हैं कि देश की जनता शाकाहारी जीवन शैली की महत्ता को समझे और शाकाहार अपनाए। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने अनेक मुद्दों पर सकारात्मक एवं साहसिक निर्णय लिए हैं। तथा ले रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि उनके निण्रयों में शाकाहार जैसा महत्वपूर्ण विषय भी समाविष्ट है। शासक द्वारा सरकारी स्तर पर शाकाहार का मुक्त समर्थन और प्रोत्साहन सार्वजनिक जीवन में अहिंसा व शुचिता का एक अहं हिस्सा है।…
भारत में शाकाहार और मांसाहार की बहस हिंसक और सांप्रदायिक हो चली है, लेकिन यह बहस इन दिनों पूरी दुनिया में चल रही है। वहां यह बहस धार्मिक न होकर नैतिक या पर्यावरण से संबंधित है। पश्चिम में जो लोग शाकाहार के समर्थक हैं, वे भी अक्सर उग्र हो जाते हैं। जो लोग स्वास्थ्य के कारणों से शाकाहारी हो गए हैं, वे उग्र तो नहीं होते, लेकिन शाकाहार के प्रचार में उत्साह उनमें भी खूब दिखता है। पश्चिम में एक और श्रेणी शाकाहारियों की है, जिन्हें 'वेजन' कहते हैं। ये लोग पशुओं से मिलने वाला कोई भी आहार यानी दूध वगैरह भी नहीं लेते। शाकाहारियों की एक दलील यह है कि मनुष्य मूलत: शाकाहारी प्राणी है और मांसाहार उसकी प्रकृति के अनुकूल नहीं है। एक और संप्रदाय चल पड़ा है, जिसका कहना है कि मनुष्य की समस्याएं इसलिए हैं कि वह प्रकृति से दूर हो गया है। वे न सिर्फ मांसाहार का, बल्कि पकाकर खाने का भी विरोध करते हैं। इनका कहना है कि कच्चे कंद-मूल फल खाने से ही इंसान का उद्धार होगा।…
सिंहस्थ 2016 के पहले इस बार एक अनूठा आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन सर्वधर्म समभाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी होगा। इससे सिंहस्थ की भूमिका भी तैयार होगी और यह ऐसी भूमिका होगी, जो केवल परंपराओं का निर्वाह करने के लिए नहीं, मानवता के लिए उठाया गया एक कदम होगा। यह कदम है अंतरराष्ट्रीय धर्म सम्मेलन। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेन्शन सेन्टर में इस आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है।
24 से 26 अक्टूबर 2015 तक होने वाले इस सम्मेलन का विषय है मानव कल्याण के लिए धर्म। इस आयोजन में दुनियाभर के सभी…
सिंहस्थ 2016 ग्रीन सिंहस्थ होगा। इसके लिए व्यापक तैयारियां की जा रही है। उज्जैन को हरियाली युक्त बनाने की कोशिशें जारी है। वैसे भी बारिश के मौसम में उज्जैन हरा-भरा हो ही जाता है, लेकिन इस बार कोशिश है कि कोई भी जगह ऐसी न छूटे, जहां हरियाली लगाई जा सकती हो और हरियाली नहीं देखने को मिले। सड़कों के डिवाइडर हरे-भरे किए जा चुके है। बगीचों में हरियाली का विशेष ध्यान रखा जा रहा है और ग्रीन सिंहस्थ, क्लीन सिंहस्थ का नारा बुलंद किया जा रहा है। इस नारे के स्पीकर उज्जैन के हजारों वाहनों पर नजर आ रहे है।…

हर बार खाना खाते समय या कहीं बाहर खाने की योजना बनाते समय मेरे विदेशी सहकर्मी और मित्र यही प्रश्न पूछते हैं की मैं शाकाहारी क्यों हूँ? पूछते हैं की religious कारण है या personally, you decided to be vegetarian.…
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केलिफोर्निया के हृदयरोग विशेषज्ञ डा. डीन ओरनिश के अनुसार केवल शाकाहार अपनाकर हृदय और कैंसर रोग को आसानी से ठीक किया जा सकता है।उनका कहना है की दवाईयां तो लेनी होगी लेकिन उनका असर सत्तर प्रतिशत तेजी से होगा। डा. डीन पहले ऐसे चिकित्सा विज्ञानी हैं जो रोगियों को बिना चीर फाड़ किए ठीक करने में यकीन करते हैं। उन्होंने इलाज के लिए आए मरीजों की खानपान की आदतें बदल कर उन्हें ठीक किया है। …

ब्रिटेन जैसे देश में भोजन की संस्कृति नब्बे के दशक की शुरुआत में हंसी-खुशी से बदल गई। इसके साथ ही मेरे एक शाकाहारी मित्र को तंदूरी मछली से इनकार के बाद उबली हुई पत्ता गोभी खाने की मजबूरी के दूसरे अच्छे विकल्प मिलने लगे। और अब तो चॉप और स्टीक के लिए मशहूर रेस्तरां भी शाकाहारी विकल्प देने लगे हैं। किसी भी सुपर मार्केट में आपको कई तरह के शाकाहारी व्यंजन मिल जाते हैं। मैं जब 20 वर्ष की थी, तभी शाकाहारी बन गई थी, इसलिए नहीं कि मैं भारतीय हूं, बल्कि इसलिए कि मेरा एक ऐसे अमेरिकी से संबंध बना, जो शाकहारी था। वैसे भी आम धारणा के विपरीत ज्यादातर भारतीय शाकाहारी नहीं होते।…

हृदय की बढ़ती धड़कन, बेचैनी, घबराहट, उच्च रक्त चाप और हृदय रोग से पीड़ित व्यक्तियों के लिए लौकी का सेवन रामबाण साबित हुआ है। लौकी पाचक होती है। पेट संबंधी रोगों में भी अचूक औषधि के समान है। यह विचार राष्ट्रीय शाकाहार शोध संस्थान नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉ.मनोज कुमार जैन ने जैन मार्केट स्थित शाकाहार चिकित्सा एवं शोध केंद्र पर आयोजित गोष्ठी के दौरान व्यक्त किए।…

ताजा अध्ययन के मुताबिक ब्रोकली में एक ऐसा पदार्थ सल्फोराफेन होता है जो गठिया से बचाने व इस बीमारी को बढऩे से रोकता है। विज्ञान शोधपत्रिका आर्थराइटिस एंड यूमेटिज्मोन के अनुसार इस पदार्थ से जोड़ों में क्षति कम होती है। इससे पहले हुए शोधों में सल्फोराफेन को कैंसर रोधी भी माना गया है। ब्रोकली को आप सलाद या सब्जी के रूप में खा सकते हैं।…

टमाटर में प्रोस्टेट ग्रंथ के कैंसर की सुरक्षा के लिए अनेक गुणकारी तत्व पाए जाते हैं। टमाटर से बने खाद्य पदार्थों में 90 प्रतिशत से अधिक लाइकोपिन पाया जाता है जो कैंसर से सुरक्षा में सहायक सिद्ध होता है। उक्त विचार शाकाहार शोध संस्थान नई दिल्ली के शाकाहार विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार जैन ने नगर की ¨सधी गली में स्थित महावीर ज्ञान केंद्र पर शाकाहार और सेहत विषयक आयोजित गोष्ठी के दौरान व्यक्त किए।…

कुछ विद्वान मांसाहार को सही साबित करने के लिये कुछ अधिक ही अध्यात्मिक ज्ञान का बखान करते हुए विज्ञान का भी हवाला देते हैं, तब हंसी आती है। वैसे यह पश्चिमी विज्ञान की मान्यता नहीं है कि पेड़ पौद्यों में भी जीवन होता है बल्कि भारतीय अध्यात्म दर्शन भी इस बात की पुष्टि करता है कि वनस्पतियों में भी जीवन का स्पंदन होता है। ऐसे में मांसाहारी विद्वान दावा करते हैं कि जब सब्जी या अन्य शाकाहार पदार्थों के उत्पादन, जड़ से प्रथकीकरण तथा सेवन करने पर भी अन्य जीव की हत्या होती है ऐसे में पशु या पक्षियों को मारकर खाने को ही मांसाहार मानते हुए उसे पाप कैसे माना जाये?…
सभी गौभक्त गौप्रेमी बन्धुओ से मेरा निवेदन है की कृपया अपने गौ-वत्स होने का फर्ज निभाए...
मेरे मन में गाय के प्रति जो पूर्व स्थापित श्रद्धा थी वह श्रद्धा अब लौहवत अर्थात् लोहे के समान दृढ़ हो गई है।
संस्कार रूप में यह श्रद्धा भारतवासियों को प्राप्त हुई हैं।
इस संस्कार का मूल वाक्य है - ‘गाय हमारी माता है।’
श्रीकृष्ण जी के बाल्यकाल की एक संक्षिप्त घटना है।
एक दिन बालक कृष्ण अपनी माँ से बोले, ‘‘माता मैं गायों का नौकर बनकर सेवा करना चाहता हूँ और मैं गाय चराने के लिए उनके साथ जाऊँगा।’’
माँ ने इसे…
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दुनिया भर में हर वर्ष करोड़ों पशुओं का वध केवल खाने के लिये किया जाता है. यह जानकारी पशुओं के अधिकारों और उनके संरक्षण के लिये काम करने वाली प्रतिष्ठित संस्था ‘पेटा’ की भारत प्रमुख पूर्वा जोशिपुरा ने मुंबई से बताया.पूर्वा ने कहा, ‘विश्व पशु दिवस के दिन लोग स्वादिष्ट शाकाहारी खाना खायें और सदा के लिये शाकाहारी बनने पर विचार करें. पशुओं की मदद के लिये सबसे अच्छी बात होगी मांस का परित्याग.’उन्होंने कहा, ‘मुर्गियों, भैंसों, बकरियों को काटने के पहले उन्हें वाहनों में ठूंस-ठूंसकर भरकर ले जाया जाता है. इस दौरान पशुओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. कई पशुओं की तो रास्ते में ही मौत हो जाती है.’…
मोहनदास करमचंद गाँधी ने 1887 में बम्बई विश्व-विद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा पास की। एक वर्ष पहले पिता की मृत्यु हो जाने से परिवार की आर्थिक दशा संतोषजनक न रही थी। घर में पढ़ाई जारी रखने वाला अकेला वही लड़का था। परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थी। इसलिए आगे पढ़ने के लिए उसे भावनगर भेजा गया, जो कालेज की पढ़ाई के लिए सबसे नजदीक का शहर था। लेकिने मोहन के दुर्भाग्य से वहां पढ़ाई का माध्यम अंग्रेजी था और व्याख्यान उसकी समझ में नहीं आते थे। यहां तक कि प्रगति और सफलता की आशा ही नहीं रह गई। इसी बीच…
'पेटा' के एक सर्वेक्षण के अनुसार विश्व की सबसे सेक्सी महिला का खिताब स्कारलेट जॉनसन को चुना गया. स्कार्लेट जोहानसन एक अमरीकी अभिनेत्री, मॉडल व गायिका है। उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत नॉर्थ से की थी और बाद में उन्हें मैनी एंड लो लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ मुख्य अभिनेत्री का इंडिपेंडेंट स्पिरिट पुरस्कार नामांकन प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत नॉर्थ (१९९४) से की थी और बाद में उन्हें मैनी एंड लो (१९९६) लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ मुख्य अभिनेत्री का इंडिपेंडेंट स्पिरिट पुरस्कार…

चिकन कंपनी का 6 करोड़ का विज्ञापन प्रस्ताव ठुकरा चुकी हैं करीना कपूर
'पेटा' के लिए शाकाहार का प्रचार करनेवाली विश्व की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक करीना कपूर शाकाहार को अब भी अपनाए हुए हैं. उन्हें मलाल है कि वे सैफ अली ख़ान को शाकाहार की तरफ नहीं मोड़ सकीं. लेकिन अब भी जब भी मौका मिले, वे शाकाहार के पक्ष में बोलने से कतराती नहीं. करीना के पूर्व प्रेमी शाहिद कपूर भी शाकाहारी हैं और 'पेटा' के लिए विज्ञापन कर चुके हैं. करीना ने 'पेटा' के लिए कोई विज्ञापन तो शूट नहीं कराया, लेकिन जब एक ब्रांडेड चिकन बेचनेवाली कंपनी ने उन्हें अपना ब्रांड एंबेसेडर बनाने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा था, तब करीना ने उस अभियान से माना कर दिया.

ब्रिटेन जैसे देश में भोजन की संस्कृति नब्बे के दशक की शुरुआत में हंसी-खुशी से बदल गई। इसके साथ ही मेरे एक शाकाहारी मित्र को तंदूरी मछली से इनकार के बाद उबली हुई पत्ता गोभी खाने की मजबूरी के दूसरे अच्छे विकल्प मिलने लगे। और अब तो चॉप और स्टीक के लिए मशहूर रेस्तरां भी शाकाहारी विकल्प देने लगे हैं। किसी भी सुपर मार्केट में आपको कई तरह के शाकाहारी व्यंजन मिल जाते हैं। मैं जब 20 वर्ष की थी, तभी शाकाहारी बन गई थी, इसलिए नहीं कि मैं भारतीय हूं, बल्कि इसलिए कि मेरा एक ऐसे अमेरिकी से संबंध बना, जो शाकहारी था। वैसे भी आम धारणा के विपरीत ज्यादातर भारतीय शाकाहारी नहीं होते। मैं भी कोई बहुत कट्टर शाकाहारी नहीं हूं, इसलिए शाकाहार का समर्थन करने या लोगों को मांसाहार से दूर रहने का उपदेश देने की पात्रता मुझमें नहीं है।दूसरी बात यह है कि तमाम विचारधाराओं की ही तरह शाकाहारवाद में भी पूर्वाग्रह हो सकते हैं, साथ ही कई तरह के दबाव भी। मैं भारत में पली-बढ़ी हूं, इसलिए अच्छी तरह से जानती हूं कि कैसे खाने-पीने के आग्रह अपनी जातिगत और धार्मिक श्रेष्ठता स्थापित करने के लिए इस्तेमाल होते हैं। कभी-कभी तो इनका रूप हिंसक भी होता है।…
नए साल का जश्न बिना मांसाहार-शराब के क्यों नहीं?गरिमापूर्ण तरीके से नए साल का स्वागत किया जाना चाहिए। मांसाहार बेचनेवाली कंपनियों, होटलों, शराब के व्यापारियों के अभियान में शामिल मत होइए। बिना मांसाहार और शराबनोशीं के नए साल का स्वागत कीजिये। कुछ व्यवसाय क्षेत्र चाहते हैं कि नए साल के जश्न के उनका धंधा चमके। माहौल ही ऐसा बना दिया जाता है मानो आपने 31 दिसंबर की रात शराब नहीं पी और मांस, मछली, चिकन नहीं खाया तो आप पिछड़े या कमतर क्षेत्र के हैं। शराब का नए साल के स्वागत से क्या मतलब? नया साल अगर…
सर्दी के सितम से बचाव करने में शाकाहार पद्धति काफी कारगर साबित होती है। सर्दी में खून का जमना, पानी की कमी होना, हार्टअटेक फेफड़ों में कमजोरी जैसी गंभीर बीमारियां अपना प्रभाव दिखाती हैं। यदि हम अपने भोजन में शाकाहार जीवन पद्धति को अपनाएं तथा नियमित योग करें तो सर्दी के प्रकोप का कम कर सकते हैं। उक्त विचार राष्ट्रीय शाकाहार शोध संस्थान नई दिल्ली के शाकाहार विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार जैन ने जैन मार्केट में आयोजित गोष्ठी के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में हृदय रोग की आशंका…

हमारे देश मे 2000 से अधिक वनस्पतियों की पत्तियों से तैयार किये जाने वाले पत्तलों और उनसे होने वाले लाभों के विषय मे पारम्परिक चिकित्सकीय ज्ञान उपलब्ध है पर मुश्किल से पाँच प्रकार की वनस्पतियों का प्रयोग हम अपनी दिनचर्या मे करते है। आम तौर पर केले की पत्तियो मे खाना परोसा जाता है। प्राचीन ग्रंथों मे केले की पत्तियो पर परोसे गये भोजन को स्वास्थ्य के लिये लाभदायक बताया गया है। आजकल महंगे होटलों और रिसोर्ट मे भी केले की पत्तियो का यह प्रयोग होने लगा है। * पलाश के पत्तल में भोजन करने से स्वर्ण के…
Read more: पत्तल में खाओ, स्वस्थ रहो और पर्यावरण को भी स्वस्थ रखो





